एक रानी अपने गले का हीरों का हार निकाल कर खूंटी पर टांगने वाली ही थी कि एक बाज आया और झपटा मारकर...
Author - Bhakti Pravah
भगवान श्री कृष्ण बड़े कृपालु हैं।
जीव किसी भी भाव से उनकी शरण ले ले वे उसका कल्याण कर देते हैं। जीव तभी तक अपवित्र है जब तक वह ठाकुर...
जानिए पूर्व जन्म में आपने कौन सा काम किया है
कहते हैं जीवन में जो भी सुख और दुःख मिलता है उसका संबंध पूर्व जन्म के कर्मों से होता है। इसलिए जीवन...
गरीब को भी धनवान बना सकते हैं ये उपाय
गरीब को भी धनवान बना सकते हैं ये उपाय जीवन की ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान तंत्र शास्त्र से...
आइये देखते है कुंडली से लाभ के योग
कुंडली में क्रमश: दूसरे व ग्यारहवें भाव को धन स्थान व आय स्थान कहा जाता है। इसके साथ ही आर्थिक...
जाने जीवनसाथी का स्वभाव
●●यदि सप्तम भाव में छाया ग्रह राहु या केतु, या उसका नवांश होता है तो जीवनसाथी परस्त्रीगामी , क्रोधी...
क्यो धरा हनुमान जी ने पांचमुखी रूप
रामायण में वर्णित एक कथा के अनुसार श्री राम-रावण युद्ध के समय एक समय ऐसा आया जब रावण को अपनी सहायता...
सत्संग आचरण जरूरी
एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः “ये मूँग हमारी अमानत...
डिप्रेशन दे सकता है केतु
राहु-केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह की संज्ञा दी जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार राहु को असुर का ऊपरी...
प्राचीन दंतकथाओं के अनुसार (कथा)
प्राचीन दंतकथाओं के अनुसान बहुत पहले एक साहुकार था. उसकी बेटी प्रतिदिन पीपल पर जल चढ़ाने जाती थी...
